10 लाखाचे कर्ज घेऊन फक्त 7 लाख भरा; जाणून घ्या सरकारच्या CMEGP योजनेबद्दल
मोबाईल वापरून अगदी काही मिनिटात करा तुमच्या जमिनीची अचूक मोजणी
फक्त आधार आणि पॅन कार्डवर ₹55,000 पर्यंत लोन – apply for personal loan, अर्ज करा!
Loan App Fast Approval 2025: फक्त 2 मिनिटांत ₹50,000 पर्यंत कर्ज मिळवा!

बंगाल की खाड़ी में ‘लो प्रेशर’ का महा-तूफान: 10 राज्यों में होगी भयंकर बारिश, आपके शहर का ‘Weather Update’ क्या है?

By
On: February 21, 2026 5:33 PM
दोस्तों, आजकल मौसम का मिजाज काफी बदला-बदला सा नज़र आ रहा है। कहीं बेमौसम बारिश तो कहीं तापमान में अचानक बढ़ोतरी। लेकिन इन सब के बीच, एक बड़ी ख़बर सामने आई है जो देश के कई राज्यों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। बंगाल की खाड़ी में एक ‘लो प्रेशर’ एरिया सक्रिय हो गया है, जिसकी वजह से दक्षिण भारत के साथ-साथ देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश और तेज़ आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए एक विस्तृत चेतावनी जारी की है, जिसमें लगभग 10 राज्यों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा गया है। तो चलिए, जानते हैं कि आपके शहर में मौसम का क्या हाल रहने वाला है और आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर का असर: क्या है खतरा?

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर एक निम्न दबाव का क्षेत्र यानी ‘लो प्रेशर एरिया’ विकसित हो गया है। सीधे शब्दों में कहें तो, यह एक ऐसा सिस्टम है जहाँ हवा का दबाव आसपास के क्षेत्रों की तुलना में कम हो जाता है। ऐसे में, हवाएँ तेज़ी से इस कम दबाव वाले क्षेत्र की ओर बढ़ती हैं और ऊपर उठती हैं, जिससे बादल बनते हैं और भारी बारिश की संभावना बढ़ जाती है। यह सिस्टम फिलहाल काफी सक्रिय है और इसका सीधा असर भारत के दक्षिणी प्रायद्वीपीय हिस्सों पर पड़ने वाला है। यह निम्न दबाव का क्षेत्र केवल बारिश ही नहीं लाएगा, बल्कि इसके साथ तेज हवाएँ और बिजली गिरने की भी आशंका है। कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चलने का अनुमान है, जो खड़ी फसलों और कच्चे मकानों के लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं। इसलिए, इन क्षेत्रों में रहने वाले सभी दोस्तों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी जाती है।

इन 10 राज्यों पर सबसे ज्यादा असर, जारी हुआ ‘येलो अलर्ट’

IMD ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि इस ‘लो प्रेशर’ सिस्टम के कारण देश के कम से कम 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश की संभावना है। इनमें से कई जगहों पर भारी बारिश और तूफानी हवाओं के साथ ‘येलो अलर्ट’ भी जारी किया गया है। ‘येलो अलर्ट’ का मतलब है कि आपको सतर्क रहना है और मौसम पर नज़र रखनी है क्योंकि स्थिति कभी भी बदल सकती है। आइए जानते हैं कि किन-किन राज्यों और क्षेत्रों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है और कब तक यह असर दिख सकता है:
  • तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: 21 से 24 फरवरी तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। यहाँ के कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, तेनकासी, विरुधुनगर और थेनी जैसे कई जिलों में 21 फरवरी को भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
  • केरल और माहे: 21 और 22 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। केरल के भी पाँच जिलों में ‘येलो अलर्ट’ है।
  • दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: 21 से 23 फरवरी तक यहाँ आंधी-बारिश हो सकती है।
  • अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 23 से 25 फरवरी तक हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है।
  • तटीय आंध्र प्रदेश, यानम, रायलसीमा, तेलंगाना: 23 और 24 फरवरी को इन क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
  • विदर्भ, छत्तीसगढ़ और गंगा क्षेत्र पश्चिम बंगाल: इन राज्यों में भी 23 और 24 फरवरी को बारिश की संभावना व्यक्त की गई है।
यह विस्तृत ‘Weather Forecast’ दर्शाता है कि इस ‘लो प्रेशर’ सिस्टम का ‘Impact’ काफी व्यापक होने वाला है। विशेष रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों के लिए अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

तमिलनाडु और केरल में विशेष अलर्ट, मछुआरों को चेतावनी

जैसा कि ऊपर बताया गया है, तमिलनाडु और केरल के कई जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। यहाँ के निवासियों को सलाह दी गई है कि वे सतर्क रहें और आवश्यक सावधानियां बरतें। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी आपातकालीन सेवाओं को तैयार रहने का निर्देश दिया है। मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। उन्हें बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि वहाँ तेज़ हवाएँ और मौसम बहुत खराब रह सकता है। समुद्र में जाने से जानमाल का नुकसान हो सकता है, इसलिए इस चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को भी समुद्र के किनारे जाने से बचना चाहिए और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

कब मिलेगी बारिश से राहत और फिर क्या?

अच्छी खबर यह है कि यह बारिश का दौर बहुत लंबा नहीं चलेगा। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक, 21 और 22 फरवरी के वीकेंड पर प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिणी सिरे पर दोनों तटों के आसपास अच्छी बारिश देखने को मिलेगी। पंबन, तूतीकोरिन, टोंडी, पलायमकोट्टई, अतीरामपट्टिनम, पलक्कड़, तिरुवनंतपुरम, अलाप्पुझा, पुनलूर, त्रिशूर, कोट्टायम और कोच्चि जैसे शहरों में भारी बारिश की संभावना है। लेकिन 23 फरवरी के बाद बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे कम हो जाएंगी। यानी, जो लोग इस बारिश से परेशान हैं, उन्हें जल्द ही राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, तब तक सावधानी बरतना बेहद ज़रूरी है।

उत्तर-पश्चिम भारत में बढ़ेगी गर्मी, मौसम का नया मिजाज

जहाँ एक ओर दक्षिण भारत में बारिश का दौर चलेगा, वहीं दूसरी ओर उत्तर-पश्चिम भारत (जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश आदि) में मौसम का मिजाज कुछ और ही संकेत दे रहा है। अगले 7 दिनों में इन क्षेत्रों में दिन का तापमान धीरे-धीरे 2-4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। यानी, गर्मी का एहसास धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा। इसी तरह, मध्य भारत में भी अगले 2 दिनों में तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। देश के बाकी हिस्सों में तापमान में कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। इसका मतलब है कि जहाँ दक्षिण में बारिश से ठंडक रहेगी, वहीं उत्तर और मध्य भारत के लोगों को बढ़ती गर्मी का सामना करना पड़ेगा। यह मौसम का दोहरा ‘ट्रेंड’ है, जो दिखाता है कि भारत में भौगोलिक स्थिति के अनुसार मौसम कितना भिन्न हो सकता है। दोस्तों, मौसम में हो रहे इन बदलावों पर नज़र रखना बेहद ज़रूरी है। चाहे आप किसान हों, छात्र हों या कामकाजी व्यक्ति, मौसम की जानकारी आपकी दिनचर्या और योजनाओं पर सीधा असर डालती है। सरकारी मौसम विभाग (IMD) की वेबसाइट और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से लगातार अपडेट लेते रहें। सुरक्षित रहें और इन मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लें।

Leave a Comment

🔔 महत्त्वाचे अपडेट्स मिळवा!

सरकारी योजना, शेती विषयक माहिती आणि नोकरीचे ताजे अपडेट्स दररोज मोफत मिळवण्यासाठी आमच्या WhatsApp ग्रुपमध्ये सामील व्हा.

👉 आत्ताच जॉईन करा बंद करा (Close)
×